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TLC परीक्षण: संक्षिप्त जानकारी और महत्व

TLC परीक्षण: संक्षिप्त जानकारी और महत्व

आइए चर्चा करते हैं कि टीएलसी गिनती क्या है, यह सामान्य है और असामान्य है, इसके बढ़े और...

टीएलसी टेस्ट (TLC Test) का मतलब टोटल ल्यूकोसाइट्स काउंट (Total Leucocyte Count) है और सफेद रक्त कोशिकाओं (White Blood Cells) को ल्यूकोसाइट्स (Leukocytes) कहा जाता है। वे हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ये आपके शरीर को बीमारी (Disease) या संक्रमण (Infection) से लड़ने में मदद करते हैं। आपके शरीर में संक्रमण का संकेत टीएलसी (Increased TLC Count) में वृद्धि है।

टीएलसी टेस्ट क्या है? (TLC Test in Hindi)

टीएलसी परीक्षण केवल एक रक्त परीक्षण (Blood Test) है। इस परीक्षण का उपयोग करके हम आपके रक्त में ल्यूकोसाइट्स-Leukocytes (श्वेत रक्त कोशिकाओं-White Blood Cells) की संख्या की गणना कर सकते हैं। इस अध्ययन को WBC गणना (WBC Count) के रूप में भी जाना जाता है। श्वेत रक्त कोशिकाएं (White Blood Cells) हमारे शरीर की प्रतिरक्षा कोशिकाएं (Immune Cells) हैं जो विभिन्न प्रकार के वायरस (Viruses), बैक्टीरिया (Bacteria) और कीटाणुओं (Germs) से लड़ने में मदद करती हैं। यह किसी भी संक्रमण (Infection), सूजन (Swelling) आदि को ठीक करने में भी मदद करता है।

श्वेत रक्त कोशिकाओं (White Blood Cells) के पांच भाग होते हैं -

ये पांचों मिलकर ल्यूकोसाइट्स (Leukocytes) या श्वेत रक्त कोशिकाएं (White Blood Cells) बनाते हैं।

टीएलसी टेस्ट क्यों आवश्यक है? (Why TCL Test is Important in Hindi?)

यह आपके रक्त में लिम्फोसाइटों (Lymphocytes) की संख्या बताएगा जो रोगों से लड़ने की आपकी क्षमता की जांच करने में मदद करता है। यह परीक्षण आपके शरीर में रहने वाले बैक्टीरिया (Bacteria), वायरस (Virus) और कीटाणुओं (Germs) की उपस्थिति का पता लगाने में मदद कर सकता है। इससे प्रतिरक्षा की कमी (Immune Deficiency), सूजन (Inflammation), या रक्त कैंसर (Blood Cancer) सहित उपचार (Treatment) आसान हो जाता है। इसके अलावा, टीएलसी काउंट टेस्ट (TLC Count Test) विभिन्न बीमारियों (Bacteria) के कारण होने वाले किसी भी शारीरिक परिवर्तन को ट्रैक करने में भी मदद कर सकता है।

यदि आपको टीएलसी परीक्षण (TLC Test) के परिणाम असामान्य मिलते हैं, तो यह इंगित करता है कि आपके शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कमजोर हो रही है। आपकी संक्रमित होने की क्षमता अधिक हो जाती है।

टीएलसी टेस्ट कैसे किया जाता है? (How TLC Test is Done in Hindi?)

आपका रोगविज्ञानी आपकी बांह के माध्यम से सुई की मदद से आपके रक्त का नमूना (Blood Sample) लेगा। रक्त को एक लाल रंग की ट्यूब में एकत्र किया जाता है। फिर इस नमूने को लिम्फोसाइट गिनती (Lymphocyte Count) करने के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाता है।

आपकी पूर्ण रक्त गणना (Complete Blood Count)(सीबीसी-CBC) करने के बाद, यदि श्वेत रक्त कोशिकाओं (White Blood Cell Count) की संख्या के बारे में किसी अन्य गहन जानकारी की आवश्यकता होती है, तो "फ्लो साइटोमेट्री" (Flow Cytometry) प्रक्रिया की जाती है। इस विधि में आपके बढ़े हुए लिम्फोसाइट व्यवहार और प्रतिक्रिया का पता लगाया जाता है।

टीएलसी टेस्ट के लिए बरती जाने वाली सावधानियां: (Precautions Needs to be Taken For TLC Test in Hindi)

सैंपल लेने से पहले टेस्ट करने वाले को अपने हाथ सैनिटाइज (Sanitize)करने चाहिए ताकि संक्रमण (Infection) का खतरा न रहे।

क्योंकि लिम्फोसाइट गिनती (Lymphocyte Count) की संख्या बदलती रहती है, टीएलसी परीक्षण (TLC Count) के लिए लिया गया नमूना (Sample) सही समय पर लिया जाना चाहिए। इसलिए, आपको अपने डॉक्टर से पूछना चाहिए कि सैंपल कब देना है।

आपको अपने परीक्षण से पहले तनाव (Stress) और भारी व्यायाम करने से बचना चाहिए क्योंकि वे आपके टीएलसी नंबरों (TLC Count) को प्रभावित कर सकते हैं।

आपको परीक्षण से पहले बताए अनुसार खाना-पीना चाहिए क्योंकि भोजन आपके टीएलसी परीक्षण के परिणामों को प्रभावित कर सकता है।

यदि आप कोई दवा (Medicine) ले रहे हैं या पहले से कोई चिकित्सीय स्थिति है, तो आपको परीक्षण से पहले इसे अपने डॉक्टर के साथ साझा करना चाहिए और उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए।

टीएलसी टेस्ट का परिणाम

सामान्य टीएलसी गणना मान 4000 माइक्रोलीटर (4000 microliters) से 11000 माइक्रोलीटर है। बच्चों में टीएलसी की गिनती वयस्कों की तुलना में अधिक होती है।

टीएलसी टेस्ट की सीमा (normal range of TLC Test in Hindi)

  • 2 वर्ष से ऊपर बच्चे और वयस्क- 5000 – 10,000/mm3
  • 2 वर्ष से कम बच्चे- 6200 – 17000/mm3
  • नवजात शिशु- 9,000 – 30,000mm3

लिंफोसाइट्स (Lymphocyte)

लिम्फोसाइट्स (lymphocytes) तीन प्रकार के होते हैं: बी सेल, टी सेल और एनके सेल। बी लिम्फोसाइट (B Lymphocyte)कोशिकाएं एंटीबॉडी (Antibodies) बनाने में मदद करती हैं, टी लिम्फोसाइट (T Lymphocyte) कोशिकाएं (Lymphocute Cells)कैंसर कोशिकाओं (Cancer Cells)को मारने में मदद करती हैं, और एनके कोशिकाएं (NK Cells) प्राकृतिक हत्यारी कोशिकाएं (Natural Killer Cells) हैं और वायरस (Virus) के साथ-साथ कैंसर कोशिकाओं (Cancer Cells) को भी मारने में मदद करती हैं। वहीं, एनके कोशिकाएं किसी भी संक्रमण को पहचानने और उसे खत्म करने में भी मदद करती हैं।

किन परिस्थिति में टीएलसी बढ़ता या घटता है: (In Which Conditions TLC may Increase or Decrease)

टीएलसी बढ़ सकता है -

  • जैसे-जैसे आप संक्रमित (Infected) होते हैं, लिम्फोसाइट गिनती (Lymphocyte Count) की संख्या बढ़ जाती है। यदि आप किसी फंगल (Fungal), वायरल (Viral), बैक्टीरियल (Bacterial) या आघात संक्रमण (Trauma Infection), सूजन (Inflammation), गठिया (Rheumatic Arthritis), मूत्र संक्रमण (Urine Infection), गऊट (Gout) से पीड़ित हैं, तो आपके शरीर में टीएलसी गिनती बढ़ जाएगी।
  • कुछ दवाओं जैसे कीमोथेरेपी दवाओं (Chemotherapy Medicine) और स्टेरॉयड (Steroid) के सेवन से भी टीएलसी काउंट बढ़ सकता है।

टीएलसी घट सकता है -

  • जीका वायरस, एचआईवी या एड्स सहित श्वसन तंत्र का संक्रमण
  • लिम्फोमा सहित कैंसर के कारण भी टीएलसी गिनती कम हो सकती है।
  • बढ़ती उम्र के साथ टीएलसी संख्या कुछ हद तक कम हो सकती है।

टीएलसी को नियंत्रण में रखने के लिए आवश्यक जानकारी: (Tips to Control TLC Levels in Hindi)

  • अच्छी स्वास्थ्य आदतें अपनाने से आपकी टीएलसी गिनती (TLC Count) को नियंत्रण में रखने में मदद मिल सकती है। खान-पान की अच्छी आदतें अपनाने के साथ-साथ आपको अपने मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) को भी स्वस्थ रखना चाहिए, अपने वजन (Weight Control) पर नियंत्रण रखना चाहिए और हृदय स्वास्थ्य (Heart Health) का भी ख्याल रखना चाहिए।
  • टीएलसी डाइट प्लान (TLC Diet Plan) अपनाकर आप मोटापा (Obesity), मधुमेह (Diabetes) और कोलेस्ट्रॉल (Cholestrol) जैसी बीमारियों को नियंत्रित कर सकते हैं।

टीएलसी डाइट प्लान: (Diet Plan for TLC in hindi)

आपकी टीएलसी गिनती पर नियंत्रण रखने के लिए कोई विशिष्ट आहार योजना नहीं है। आपकी टीएलसी गिनती को आपके आहार योजना द्वारा नियंत्रित नहीं किया जा सकता क्योंकि टीएलसी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए जिम्मेदार है, लेकिन कुछ सामान्य सुझाव आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।

  • ऐसी सब्जियां (Vegetables) और फल खाएं (Fruits) जो पोषण से भरपूर हों और जिनमें विटामिन ए (Vitamin A), विटामिन सी (Vitamin C)और अन्य पोषक तत्व हों।
  • प्रोटीन (Protein) स्वस्थ लिम्फोसाइट्स गिनती (Lymphocyte Count) के लिए अच्छा है। मछली (Fish), दूध (milk), मांस (Meat), दही (Curd), दालें (Pulses), अंडे (Eggs) आदि प्रोटीन (Protein) खाना न भूलें।
  • हरी पत्तेदार सब्जियों (Green Leafy Vegetables) और हरी चाय (Green Tea) में एंटी-ऑक्सीडेंट (Anti-Oxidants) और पोषक तत्व (Nutritional Elements) होते हैं जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें (Consume Plenty Of Water), शारीरिक व्यायाम करें (Physical Exercise), नमक (Salt) का सेवन कम करें और वजन (Weight Control) को नियंत्रण में रखें।
  • ल्यूकोसाइट गिनती (Leukocyte Count) अधिक या कम होने का मतलब यह नहीं है कि आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं। यह किसी असामान्य जटिलता (Complications) का संकेत मात्र है जो तनाव (Stress) या अन्य कारणों से हो सकती है। लेकिन डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

शरीर में हो रहे असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज न करें, डॉक्टर के परामर्श पर टीएलसी का परीक्षण करवा कर हम आगे आने वाली बीमारियों के खतरे से बच सकते हैं और स्वस्थ जीवन जी सकते है।