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बवासीर के कारण - Causes of Piles in Hindi

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बवासीर के कारण - Causes of Piles in Hindi

बवासीर के कारण - Causes of Piles in Hindi

बवासीर, जिसे हेमरॉइड्स भी कहा जाता है, रेक्टम और गुदा के निचले हिस्से में सूजी हुई नसें...

अवलोकन

बवासीर, जिसे हेमरॉइड्स भी कहा जाता है, रेक्टम और गुदा के निचले हिस्से में सूजी हुई नसें होती हैं। इनसे मल त्याग के दौरान दर्द, खुजली, बेचैनी और खून बह सकता है। बवासीर एक आम समस्या है और अक्सर जीवनशैली और मल त्याग की आदतों की समस्याओं के कारण होती है। कारणों को समझने से रोकथाम और शुरुआती इलाज में मदद मिलती है।

बवासीर के कारणों की सूची (List of Causes of Piles in Hindi)

पुरानी कब्ज (Chronic Constipation)

पुरानी कब्ज बवासीर के सबसे आम कारणों में से एक है। कठोर मल और मल त्याग में कठिनाई से रेक्टल क्षेत्र की नसों पर दबाव बढ़ता है। बार-बार जोर लगाने से ये नसें खराब हो जाती हैं, जिससे उनमें सूजन आ जाती है और बवासीर हो जाता है।

मल त्याग के दौरान जोर लगाना (Straining During Bowel Movements)

मल त्याग करते समय बहुत ज़्यादा जोर लगाने से गुदा और रेक्टल नसों पर लगातार दबाव पड़ता है। यह दबाव समय के साथ नसों की दीवारों को कमजोर कर देता है और बवासीर का कारण बनता है। लंबे समय तक टॉयलेट पर बैठने से भी यह समस्या और बढ़ जाती है।

कम फाइबर वाला आहार (Low Fiber Diet)

कम फाइबर वाले आहार से मल कठोर और भारी हो जाता है। फाइबर की कमी से पाचन धीमा हो जाता है और मल त्याग के दौरान जोर लगाने की ज़रूरत बढ़ जाती है। फल, सब्जियां और साबुत अनाज जैसे फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन बवासीर को रोकने में मदद करता है।

लंबे समय तक बैठना (Prolonged Sitting)

लंबे समय तक बैठने से, खासकर कठोर सतहों पर, रेक्टल क्षेत्र में दबाव बढ़ता है। डेस्क जॉब वाले लोग या जो लोग लंबे समय तक बैठते हैं, उन्हें इसका ज़्यादा खतरा होता है। शारीरिक गतिविधि की कमी भी खराब मल त्याग में योगदान करती है।

उम्र बढ़ना (Ageing)

उम्र के साथ, रेक्टल नसों को सपोर्ट करने वाले टिशूज़ कमज़ोर हो जाते हैं। इस प्राकृतिक कमज़ोरी के कारण ज़्यादा उम्र के लोगों को बवासीर होने का खतरा ज़्यादा होता है, खासकर अगर उनकी शौच की आदतें अनियमित हों।

गर्भावस्था और प्रसव (Pregnancy and Childbirth)

गर्भावस्था के दौरान बढ़ते गर्भाशय के कारण पेल्विक नसों पर दबाव बढ़ जाता है। हार्मोनल बदलावों के कारण नसें भी शिथिल हो जाती हैं। प्रसव के दौरान, ज़ोर लगाने से बवासीर होने का खतरा और बढ़ जाता है। कई महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान या बाद में बवासीर होता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या बवासीर सिर्फ कब्ज से होता है?

नहीं। कब्ज आम है, लेकिन गर्भावस्था, मोटापा और लंबे समय तक बैठने जैसे कारक भी इसमें योगदान करते हैं।

क्या बवासीर को रोका जा सकता है?

हाँ। उच्च फाइबर वाला आहार, पर्याप्त पानी का सेवन और नियमित शारीरिक गतिविधि बवासीर को रोकने में मदद करती है।

क्या बवासीर खतरनाक है?

ज़्यादातर बवासीर खतरनाक नहीं होते हैं, लेकिन लगातार खून बहने या दर्द होने पर डॉक्टर को दिखाना चाहिए।