वायु प्रदूषण सिर्फ़ फेफड़ों के लिए ही हानिकारक नहीं है, बल्कि इसका दिल की सेहत पर भी...
ओवरव्यू
वायु प्रदूषण सिर्फ़ फेफड़ों के लिए ही हानिकारक नहीं है, बल्कि इसका दिल की सेहत पर भी गंभीर असर पड़ता है। प्रदूषित हवा के लंबे समय तक संपर्क में रहने से हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक और हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है। बारीक पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5), जो शहरी हवा में आम है, खासकर खतरनाक होता है क्योंकि यह खून में मिल सकता है और सीधे कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को प्रभावित कर सकता है। बहुत से लोग इस बात से अनजान हैं कि वायु प्रदूषण दिल की बीमारियों के लिए सबसे बड़े पर्यावरणीय जोखिम कारकों में से एक है।
वायु प्रदूषण दिल को कैसे प्रभावित करता है (How Air Pollution Affects the Heart)
जब प्रदूषित हवा सांस के साथ अंदर जाती है, तो छोटे-छोटे कण फेफड़ों से होकर खून में चले जाते हैं। ये कण सूजन पैदा करते हैं, खून की नसों को नुकसान पहुंचाते हैं, और दिल के सामान्य कामकाज में रुकावट डालते हैं। समय के साथ, इससे धमनियां सिकुड़ जाती हैं, ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, और दिल की मांसपेशियों को ऑक्सीजन की सप्लाई कम हो जाती है।
पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5) की भूमिका (Role of Particulate Matter (PM2.5))
PM2.5 कण बहुत छोटे और खतरनाक होते हैं। वे:
- फेफड़ों में गहराई तक जाते हैं
- खून में मिल जाते हैं
- सूजन पैदा करते हैं
- खून के थक्के जमने का खतरा बढ़ाते हैं
- खून की नसों की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाते हैं
- यह प्रक्रिया हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाती है।
दिल पर अल्पकालिक प्रभाव (Short-Term Effects on the Heart)
यहां तक कि ज़्यादा प्रदूषण के स्तर के थोड़े समय के संपर्क में रहने से भी ये हो सकता है:
- ब्लड प्रेशर में बढ़ोतरी
- अनियमित दिल की धड़कन
- सीने में दर्द
- दिल को ऑक्सीजन की सप्लाई कम होना
- कमजोर लोगों में हार्ट अटैक का खतरा
- जिन लोगों को पहले से दिल की बीमारी है, उन्हें ज़्यादा प्रदूषण वाले दिनों में ज़्यादा खतरा होता है।
- खून के बहाव को रोकना
- हार्ट अटैक की संभावना बढ़ाना
- स्ट्रोक का खतरा बढ़ाना
- यही वजह है कि प्रदूषण का अचानक होने वाली दिल की घटनाओं से गहरा संबंध है।
किसे सबसे ज़्यादा खतरा है? (Who Is Most at Risk?)
- बुजुर्ग लोग
- दिल की बीमारी वाले लोग
- डायबिटीज के मरीज
- हाई ब्लड प्रेशर के मरीज
- धूम्रपान करने वाले
- बाहर काम करने वाले मजदूर
- बच्चे
निष्कर्ष
वायु प्रदूषण दिल की बीमारी के लिए एक बड़ा लेकिन अक्सर नज़रअंदाज़ किया जाने वाला जोखिम कारक है। यह खून की नसों को नुकसान पहुंचाता है, सूजन बढ़ाता है, और जानलेवा दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। अपने दिल की रक्षा करने का मतलब है हवा की गुणवत्ता के बारे में जागरूक रहना और आसान बचाव के उपाय करना। साफ हवा न सिर्फ़ सांस लेने के लिए बल्कि स्वस्थ दिल के लिए भी ज़रूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या वायु प्रदूषण सच में हार्ट अटैक का कारण बन सकता है?
हां, यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ा देता है।
क्या PM2.5 दिल के लिए सबसे खतरनाक प्रदूषक है?
हाँ, क्योंकि यह खून में मिल जाता है और सीधे खून की नसों पर असर डालता है।
क्या स्वस्थ लोगों को भी खतरा है?
हाँ, लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से स्वस्थ लोगों पर भी असर पड़ता है।

