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क्या होता है फेफड़ों का कैंसर, जानिए इसके लक्षण और सभी स्टेज, उपचार

क्या होता है फेफड़ों का कैंसर, जानिए इसके लक्षण और सभी स्टेज, उपचार

अक्सर हमारे मन में सवाल आता है की कैंसर है क्या है?, क्यों होता है?, कैंसर के लक्षण क्या...

लंग्स का कैंसर (lungs cancer) लंग्स के वायुमार्ग की कोशिकाओं को नुकसान पोहचता है। जब हमारे शरीर के किसी भी भाग की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगे और बहुत तेजी से बढ़ने लगे तब उसे कैंसर कहते हैं। लंग्स का कैंसर बूढ़े और वृद्ध लोगो में ज़्यादा पाया जाता है, कैंसर होने की सम्भावना सिगरेट बीड़ी पीने से भी बढ़ती है। 

लंग्स कैंसर 2 प्रकार का हो सकता है 

  • NSCLC - नॉन स्माल सेल लंग कैंसर(non small cell lung cancer) जो की लग्स के कैंसर में 85 % हिस्सा बनता है। 
  • बाकि का 15 % समल सेल लंग कैंसर (small cell lung cancer) का हिस्सा बनता है 

लंग कैंसर के लक्षण क्या है?

लंग कैंसर के लक्षण क्या है

लंग्स कैंसर के लक्षण अलग अलग रूप से देखे जाते हैं, कुछ लक्षण निम्नलिखित हैं-

  • लगातार खासी होना ,
  • बहुत समय से खासी होना , 
  • साँस फूलना,
  • सीने में दर्द होना जो कंधे तक फैलता हुआ हो, 
  • छाती का इन्फेक्शन जो बार बार वापस आ जाता है , 
  • थूकते समय या खासते समय खून आना 
  • कर्कश आवाज़ 

कुछ लक्षण हर प्रकार के कैंसर में देखे जा सकते है जैसे की - 

  • थकान, 
  • एकदम से वजन कम होना या अचानक कम होना, 
  • खाना निगलने में कठिनाई होना, 
  • शरीर में दर्द होना

इनमे से कुछ लक्षण का होना इस बात का संकेत नहीं है की आपको लंग कैंसर (lung cancer) हो गया है , कुछ लक्षण आपके इलाज के कारण या सिगरेट पीने से भी हो सकता हैं। लेकिन अगर इनमे से एक से ज़्यादा लक्षण बहुत लम्बे समय से हो रहे हो तब चिंता का विषय है, और आपको जाँच के लिये जाना चाहिए। 

लंग कैंसर के क्या कारण है?

लंग कैंसर आम तोर पर कोशकाओं के लगातार बढ़ने के कारण होता है, हलाकि कोशकाये उम्र भर बढ़ती रहती है पर उनपर नियंत्रण रखने के लिए भी कुछ हॉरमोन्स (Hormones) मौजूद होते हैं, जब कोशिकाओं के विभाजन पर नियंत्रण न रहे और वो असामान्य रूप से बढ़ने लगे उसे कैंसर कहते हैं। जिसके कारण गांठ भी बन सकती है जिसे टयुमर tumor कहते है। ये कोशिकाओं के विभाजन पे नियंत्रण बहुत कारण से जा सकता है, डॉक्टर्स और वैज्ञानिक इसका सटीक कारण तो नहीं जान पाए हैं पर कुछ कार्सिनोजेनिक (Carcinogenic) पदार्थ होते हैं जिनके कारण कैंसर होता है. कुछ कैंसर होने के कारण निम्नलिखित हैं -

  • अधिक उम्र होना- जब उम्र बढ़ जाती है , हमारे शरीर में कोशिकाओं में परिवर्तन आने की सम्भावना भी बढ़ती जाती है , इसी कारण से अधिकतर कैंसर के उत्त्पन्न होने का कारण अधिक उम्र होना भी हो सकता है। 
  • धूम्रपान - लंग कैंसर होने के प्रमुख कारणों में से एक है सिगरेट पीना, सिगरेट पीन से लंग्स की कोशिकाओं में सेलुलर बगलाव (cellular changes) आने की सम्भावना बढ़ जाती है , जो की कैंसर का कारण है। 
  • परिवार में कैंसर का इतिहास होना - यदि आपके परिवार में पहले किसी को कैंसर था या हुआ है तब भी आपको कैंसर होने की सम्भावना बढ़ जाती है। कैंसर होने के जीन्स (genes) माता पिता से बच्चो में भी पारित हो जाते है। इसिलिए यदि आपको जानकारी है की परिवार में किसी को कैंसर हुआ है तो आपको पहले से ही खुद को भी जाँच करवा लेना चाहिए। इलाज करवाने से बेहतर है बीमारी को पहले ही रोक लिया जाये उसकी जाँच करवाकर । 
  • कुछ तत्व जैसे की (asbestos) ऐस्बेस्टॉस के संपर्क में आना- कुछ भरी पदार्थ जैसे की एस्बेस्टोस (asbestos), रेडोन (redon) जैसे पदार्थ कैंसर होने का कारण बन सकते हैं। ये पदार्थ निर्माण क्षेत्रो (construction site) में पायी जाती है या फिर खनन क्षेत्र (mining sites) में भी पायी जा सकती है। 
  • लंग्स की बीमारिया - अगर आपको पहले से कोई लंग्स की बीमारी है जैसे की सिस्टिक फाइब्रोसिस (cystic fibrosis ) , ट्यूबरक्लोसिस (tuberculosis) , या कंस्ट्रक्टिव ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD- constructive obstructive pulmonary disease) है तो लंग्स कैंसर होने की सम्भावना और बढ़ जाती है। इसलिए इन बीमारियों में नियमित तौर पर जाँच करवा लेना बेहतर है। 

मुझे डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए? 

यदि आपको ऊपर लिखी सूची में से कुछ लक्षण है और बोहोत लमसे समय से चलते आ रहे है ,खास तोर पर अगर महीने से ज़्यादा से लगातार हैं तो आपको जाँच के लिए जाना चाहिए। यदि आपके परिवार में पहले भी किसी को कैंसर हुआ है , या फिर आपको लंग्स की कुछ बीमारी है जो काफी समय से चलती आ रही है तो आपको बिना समय गवाए डॉक्टर को दिखाना चाहिए और कैंसर की जाँच करवानी चाहिए।

फेफड़ो के कैंसर की (stages) स्टेज /चरण?

फेफड़ो के कैंसर की स्टेज

कैंसर को 4 स्टेजेस में बांटा गया है। कैंसर की स्टेज उनके आकर और कैंसर कितना फैला है उसपर निर्भर करता है। कैंसर की स्टेज नीचे दिए गयी हैं -

  • स्टेज 0 (stage-0)- इस स्टैग में कैंसर लंग्स के अंदर ही रहता है, आम तोर पर ब्रोंकस (bronchus) में रहता है ,ब्रोंकस में भी यह ऊपर की परत में ही रेहता है। 
  • स्टेज 1 (stage 1)- इस स्टेज में भी कैंसर लंग्स में ही रहता है।
  • स्टेज 2 (stage 2)- इन स्टेज में कैंसर स्टेज 1 से बड़ा होता है , लंग्स मे लिम्फ नोड्स (Lymph nodes)होती है , कैंसर लिम्फ नोड तक फैला होता है या फिर लंग्स के एक पुरे लोब (lobe) में फैला होता है। 
  • स्टेज 3 (stage 3)- इस स्टेज में कैंसर स्टेज 2 से बड़ा होता है और लिम्फ नोड्स में फ़ैल गया होता है , इस स्टेज में कैंसर लंग्स के काफी लोबस (Lobes)में फैला होता है। 
  • स्टेज IV (stage-4)- कैंसर दूसरे फेफड़े, फेफड़े के आसपास के तरल पदार्थ, हृदय के आसपास के तरल पदार्थ या दूर के अंगों तक फैल गया है।

कैंसर का इलाज कैसे होता है?

कैंसर के स्पेशलिस्ट इसका इलाज कई तरीकों से कर सकते हैं उनमे से कुछ नीचे समझाए गए हैं 

  • सर्जरी (Surgery)- कैंसर यदि फैला नहीं है,और शुरुवाती स्टेजेस में है तो उसका सब्से बेहतर इलाज सर्जरी होता है। पुरे के पुरे कैंसर के भाग को सर्जरी करके निकाल दिया जाता है। कैंसर में जितना लंग का हिस्सा शामिल करता है वो सर्जरी करके पूरा निकाल दिया जाता है। 
  • रेडियोथेरेपी (Radiotherapy)- जो कैंसर सामान्य कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाती है उन्हें रेडियोथेरेपी से ख़तम कर दिया जाता है , कैंसर सेल्स को जब रेडियोथेरेपी से मारा जाता है तो उनका विभाजन रुक जाता है। और कैंसर की प्रगति भी रुक जाती है। 
  • कीमोथेरेपी (Chemotherapy)- ये थेरेपी दवाइयों से की जाती है। जब कैंसर का साइज़ दवाये देकर छोटा किया जाते ताकि उसका सर्जरी या कीमोथेरेपी से बेहतर रिजल्ट आ सके उसे कीमोथेरेपी कहते है। 
  • इम्मुनोथेरपी (Immunotherapy)- ये एक आधुनिक थेरेपी/ तकनीक है ये तकनीक कैंसर कोषिकाओं को मरने व् ख़त्म करने में सहायता करती है।  

निष्कर्ष

कैंसर एक तेज़ी से बढ़ने वाली और जानलेवा बीमारी साबित हो सकती है। इसका इलाज और समय से जाँच करवा लेना बहुत महत्वपूर्ण है। इसका समय से इलाज कराये और जाँच केंद्र पर जाँच करवाए। गणेश डाइग्नोस्टिक एंड इमेजिंग सेंटर इसका बोहोत सटीक डायग्नोसिस देने की कोशिश करते है। ताकि आपके इलाज में बेहतर से बेहतरीन प्लान बन सके और आप कैंसर या किसी भी बीमारी से निजाद पा सके। 

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  • कंसल्टेशन डॉक्टर- डॉ. रवीन शर्मा ( MBBS , MD Radiologist )
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