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गाउट के कारण और यह क्यों होता है

गाउट के कारण और यह क्यों होता है

गाउट जोड़ों की एक दर्दनाक बीमारी है जो तब होती है जब शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बहुत...

गाउट जोड़ों की एक दर्दनाक बीमारी है जो तब होती है जब शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है। इससे जोड़ों में नुकीले क्रिस्टल बन जाते हैं, जिससे अचानक दर्द, सूजन और लालिमा आ जाती है। पैर का अंगूठा सबसे ज़्यादा प्रभावित होने वाला जोड़ है, लेकिन गाउट टखनों, घुटनों, कलाई और उंगलियों को भी प्रभावित कर सकता है। इसके दौरे अक्सर अचानक पड़ते हैं, कभी-कभी रात में, और इससे हिलना-डुलना मुश्किल हो सकता है।

गाउट क्या है? (What is Gout in Hindi?)

गाउट गठिया का एक प्रकार है जो तब होता है जब यूरिक एसिड खून में जमा हो जाता है और जोड़ों में क्रिस्टल बना लेता है। यूरिक एसिड तब बनता है जब शरीर प्यूरीन को तोड़ता है; ये ऐसे पदार्थ हैं जो स्वाभाविक रूप से शरीर में और कुछ खास तरह के खाने में पाए जाते हैं। जब किडनी यूरिक एसिड को ठीक से बाहर नहीं निकाल पातीं, तो यह जमा हो जाता है और सूजन पैदा करता है।

गाउट के कारणों की सूची: (List of causes of gout in Hindi :)

खून में यूरिक एसिड का ज़्यादा स्तर (High Levels of Uric Acid in the Blood)

गाउट का मुख्य कारण यूरिक एसिड के स्तर में बढ़ोतरी है। जब शरीर बहुत ज़्यादा यूरिक एसिड बनाता है या उसे ठीक से बाहर नहीं निकाल पाता, तो जोड़ों में क्रिस्टल बन जाते हैं, जिससे दर्द और सूजन होती है।

प्यूरीन से भरपूर खाने का ज़्यादा सेवन (Diet High in Purine Rich Foods)

लाल मांस, ऑर्गन मीट (जानवर के अंदरूनी अंग) और कुछ समुद्री खाने जैसी चीज़ों में प्यूरीन का स्तर बहुत ज़्यादा होता है। इन चीज़ों का बार-बार सेवन करने से यूरिक एसिड का उत्पादन बढ़ जाता है और गाउट होने का खतरा बढ़ जाता है।

मोटापा या शरीर का ज़्यादा वज़न (Obesity or Excess Body Weight)

ज़्यादा वज़न होने से शरीर में यूरिक एसिड का उत्पादन बढ़ जाता है और किडनी की इसे बाहर निकालने की क्षमता कम हो जाती है। इन दोनों कारणों के मेल से गाउट होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

किडनी के विकार (Kidney Disorders)

किडनी की समस्याओं के कारण शरीर की यूरिक एसिड को छानने और बाहर निकालने की क्षमता कम हो सकती है। जब यूरिक एसिड खून में ही रह जाता है, तो वह जमा होकर जोड़ों में क्रिस्टल बना लेता है।

शराब का बहुत ज़्यादा सेवन (Excessive Alcohol Intake)

शराब शरीर की यूरिक एसिड को बाहर निकालने की क्षमता में रुकावट डालती है। नियमित रूप से या बहुत ज़्यादा शराब पीने से गाउट के दौरे पड़ सकते हैं और लक्षण और भी बिगड़ सकते हैं।

पानी की कमी (Dehydration)

पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ न पीने से खून में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ सकती है। शरीर में पानी की सही मात्रा बनाए रखने से किडनी को बेकार पदार्थों को प्रभावी ढंग से बाहर निकालने में मदद मिलती है।

गाउट का पारिवारिक इतिहास (Family History of Gout)

आनुवंशिकी (Genetics) इस बात पर असर डाल सकती है कि शरीर यूरिक एसिड को कैसे प्रोसेस करता है। जिन लोगों के परिवार में पहले किसी को गाउट की समस्या रही हो, उनमें यह बीमारी होने की संभावना ज़्यादा हो सकती है। 

निष्कर्ष

गाउट एक ऐसी स्थिति है जिसे मैनेज किया जा सकता है, लेकिन अगर इसका इलाज न किया जाए तो इससे काफ़ी तकलीफ़ हो सकती है। गाउट के कारणों को पहचानना ही इसकी रोकथाम और असरदार कंट्रोल की दिशा में पहला कदम है। खाने की हेल्दी आदतें, शरीर का वज़न नॉर्मल रखना, शरीर में पानी की कमी न होने देना और डॉक्टर की सलाह मानना, ये सभी गाउट के अटैक के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ's)

गाउट का मुख्य कारण क्या है?

खून में यूरिक एसिड का लेवल ज़्यादा होना ही गाउट का मुख्य कारण है।

क्या पानी पीने से गाउट से बचाव में मदद मिल सकती है?

हाँ, शरीर में पानी की सही मात्रा होने से शरीर यूरिक एसिड को ज़्यादा असरदार तरीके से बाहर निकाल पाता है।

क्या गाउट का संबंध खान-पान से है?

हाँ, प्यूरीन की ज़्यादा मात्रा वाले खाने की चीज़ें खाने से गाउट का जोखिम बढ़ सकता है।

क्या गाउट का पूरी तरह से इलाज संभव है?

सही इलाज और जीवनशैली में बदलाव करके गाउट को कंट्रोल किया जा सकता है, हालाँकि यह हमेशा पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाता।